
आत्महत्या के दुष्प्रेरण के दोषी पति को पांच साल का कठोर कारावास
एफटीसी प्रथम की कोर्ट ने लगाया दस हजार रुपये का अर्थदंड
सुलतानपुर। विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के करीब 16 साल पुराने मामले में एफटीसी प्रथम की कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट जज राकेश यादव की अदालत ने मामले में आरोपी शिक्षक पति पंच बहादुर शुक्ला को आत्महत्या के दुष्प्रेरण का दोषी मानते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
गोसाईगंज थाने के सरवन गांव के रहने वाले आरोपी पंच बहादुर शुक्ल के साथ प्रयागराज जिले के रहने वाले वादी मुकदमा ने घटना से करीब 12 साल पहले अपनी पुत्री शशि शुक्ला की शादी कराया था। आरोप के मुताबिक पति पंच बहादुर व अन्य दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता था। आरोप के मुताबिक आरोपी की प्रताड़ना की वजह से वादी की पुत्री की मृत्यु हो गई। मामले में पति व अन्य के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोप में गोसाईगंज थाने में पांच जुलाई साल 2010 को मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने अपनी तफ्तीश पूरी कर प्रताड़ना व आत्महत्या के दुष्प्रेरण का अपराध पाते हुए मात्र पति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। मामले का विचारण एफटीसी प्रथम की अदालत में चला। अदालत ने आरोपी पति को कठोर कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।