
सीतापुर जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान सड़़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया तथा अब तक किए गए कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में सड़़क सुरक्षा को प्राथमिकता के रूप में लेते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिह्नित स्थलों एवं मुख्य चौराहों पर सड़क सुरक्षा हेतु आवश्यक प्रबंध किए जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि राहवीर योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जाये। इसके लिये मुख्य स्थानों, सभी सी0एच0सी0, राष्ट्रीय राज मार्गों एवं दुर्घटना बाहुल्य स्थानों पर होर्डिंग लगवायी जायें। सड़क दुर्घटना के दौरान घायल की जान बचाने वाले गुड सैमेरिटन को चिन्हित करते हुये राहवीर योजना के अन्तर्गत सम्मानित किये जाने के साथ शासन द्वारा अनुमन्य राशि भी वितरित की जाये।
एन0एच0ए0आई0 के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के संबंध में प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जंक्शन सुधार हेतु समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी ने बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुलिस, लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन तथा अन्य विभागों को आपसी सहयोग से कार्य करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि डेथ ऑडिट के कार्यों निर्धारित समय अवधि में पूर्ण कराया जाए और सभी विभागों के अधिकारी डेथ ऑडिट के समय उपस्थित रहे। डेथ ऑडिट में इस बात का विवरण भी देखा जाए कि उस स्थान पर गत 1 वर्ष में घटनाएं बार-बार तो नहीं हो रही है। यदि ऐसा पाया जाए तो उसे स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित करते हुए सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिये। उन्होंने कहा कि चिन्हित सड़कों के चौड़ीकरण एवं चौराहों के सुधार हेतु कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
बैठक के दौरान अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग रीमा सोनकर, मिथलेश वर्मा, राघवेन्द्र सिंह सहित सड़क सुरक्षा के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।