
नैमिषारण्य के चक्र तीर्थ से चौरासी कोशी मेले का हुआ आगाज , परन्तु कस्बा मिश्रित में ब्यवस्थाऐं पूर्ण नही
मिश्रित सीतापुर / महर्षि दधीचि की पावन तपो भूमि कस्बा मिश्रित हमेशा त्याग , तपस्या का केंद्र बिन्दु रहा है । यहां पर स्थित सतयुग कालीन महर्षि दधीचि आश्रम और पवित्र दधीचि कुंड तीर्थ इस बात का गवाह है । कस्बा मिश्रित में प्रत्येक वर्ष महर्षि दधीचि की स्मृति में 84 कोसीय धार्मिक होली परिक्रमा मेला सम्पन्न होता है । जिसमें देश के कोने कोने से लाखों संत , महंत , मठाधीस व ग्रहस्त भाग लेने आते है । इन सभी परिक्रमार्थियों की ब्यवस्थाऐं नगर पालिका एवं तहसील प्रशासन के व्दारा चाक चौबंद की जाती है । आपको बता दें कि दिनांक 17 फरवरी अमांवस्या तिथि से नैमिषारण्य के चक्र तीर्थ में स्नानोपरान्त सभी परिक्रमार्थी यहीं रात्रि विश्राम करेगे । और भोर होते ही पहला आश्रम से मेला अध्यक्ष व्दारा डंका बजाते ही रामाध्वनि के साथ चौरासी कोसी परिक्रमा का आगाज शुरू हो जाएगा । और सभी परिक्रमार्थी प्रथम पड़ाव कोरौना के लिए प्रस्थान करेगे । प्रथम पड़ाव कोरौना पहुंच कर सभी परिक्रमार्थी भगवान व्दारिकाधीस सहित अन्य दार्शनिक स्थलों के दर्शन करेगे । यहीं रात्रि विश्राम करेगे । सुबह भोर होते ही दूसरे पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगे । परन्तु नगर पालिका परिषद में तैनात बड़े बाबू राजेश कुमार , अधिशासी अधिकारी बिन्ध्याचल की निष्क्रिय कार्य शैली के चलते कस्बा मिश्रित के सभी पड़ाव स्थल गंदे व अधूरे पड़े है । पड़ाव स्थलों में कीचड़ व गंदा जल भरा हुआ है । जिससे संत , महंतो को यहां पर पांच दिनो तक टिकासन लगाकर रुकने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है । नगर पालिका परिषद के ठीक सामने स्थित सीताकुंड तीर्थ व भगवान शेषनाथ मंदिर परिसर के पीछे संत पड़ाव स्थल स्थित है । यहां पर अयोध्या एवं इलाहावाद सहित कई जगह के संत महंतो के टिकासन व पांडाल लगते है । परन्तु इस समूचे पड़ाव स्थल में कीचड़ युक्त गंदा जल भराव बना हुआ है । जिसे चंद दिनों सुखा पाना सम्भव नही है । इसी परिसर के पास नगर पालिका के ठेकेदार व्दारा अमांनक सामग्री से नाला निर्माण कराया गया है । परन्तु उस पर अभी तक पत्थर नही डाले गए है । जब कि कई बार इस खुले नाले मवेशी गिरकर हादसे का सिकार हो चुके है । परिक्रमा मेले के दौरान परिक्रमार्थी व छोटे बच्चे इस नाले में गिरकर हादसे का सिकार हो सकते है । इसी परिसर में लगे इंडिया मार्का नल की चौकी न बनी होने से नल का पानी भी परिसर में ही जा रहा है । इस लिए यहां के जागरूक नगर वासियों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए भगवान शेषनाथ मंदिर बाउंड्री के पीछे स्थित पड़ाव की साफ सफाई और खुले नालों पर पत्थर डलवाए जाने की मांग की है ।