
प्रधान के घर बमबारी मामले में किशोर की गिरफ्तारी पर जिला जज कोर्ट ने लगाई रोक
जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने किशोर की अग्रिम जमानत पर दी अंतरिम राहत,25 को होगी नियमित अर्जी पर सुनवाई
पूर्व प्रधान के अवयस्क पुत्र को वर्तमान प्रधान ने बमबारी के केस में अन्य लोगो के साथ किया था नामजद
बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्को से सहमत होकर जिला जज कोर्ट ने पूर्व प्रधान-पुत्र को दी बड़ी राहत,दो किशोर हो चुके है गिरफ्तार
सुलतानपुर। प्रधान के घर पर हुई बमबारी के आरोप से जुड़े मामले में पूर्व प्रधान के अवयस्क पुत्र की तरफ से बुधवार को जिला जज सुनील कुमार की अदालत में पेश अग्रिम जमानत अर्जी पर बहस चली। इस दौरान बचाव पक्ष की तरफ से अंतरिम राहत देने की मांग की गई। अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजेश पांडेय के तर्कों से सहमत होते हुए नियमित अग्रिम जमानत अर्जी का निस्तारण नहीं हो जाने तक किशोर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया है। अदालत ने इस आदेश का पालन करने के लिए थाना प्रभारी,विवेचक या गिरफ्तारी से जुड़ी अन्य एजेंसी के लिए सशर्त निर्देश जारी किया है।
कोतवाली देहात थाने के जुड़ारा गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान अनिल मिश्रा ने गत 10 फरवरी की रात की घटना बताते हुए लोहरामऊ स्थित अपने घर पर बम से हमला करने समेत अन्य आरोप में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में उन्होंने स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के एक पूर्व प्रधान के पुत्र समेत अन्य को नामजद किया है एवं कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया है। मामले में पुलिस दो किशोर को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर चुकी है,जिन्हें न्यायिक अभिरक्षा में सम्प्रेक्षण गृह भेजा जा चुका है। मामले में पूर्व प्रधान ने नामजद हुए अपने अवयस्क पुत्र का कई दिन पूर्व से हाथ टूटे होने व अन्य कारणों को दर्शाते हुए उसे बेकसूर बताया है। मामले में पूर्व प्रधान के अवयस्क पुत्र की तरफ से पेश की गई सरेंडर अर्जी पर पुलिस ने पिछली पेशी पर किशोर न्याय बोर्ड में अपनी रिपोर्ट पेश किया था,जिसमे पुलिस मनमानी रिपोर्ट लगाकर खुद ही सवालों के घेरे में आ गई थी। पुलिस की रिपोर्ट को बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजेश पाण्डेय ने भ्रामक रिपोर्ट बताते हुए दोबारा स्पष्ट रिपोर्ट तलब करने की मांग किया। जिस पर किशोर न्याय बोर्ड के चेयरमैन अविनाश चन्द्र गौतम ने पुलिस को स्पष्ट रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। उधर पूर्व प्रधान के अवयस्क पुत्र की तरफ से जिला जज कोर्ट में पेश की गई अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता बृजेश पाण्डेय ने पूर्व प्रधान के पुत्र को बिल्कुल निर्दोष बताते हुए आरोपो को निराधार बताया और घटना के सम्बंध में वायरल वीडियो में भी किशोर की मौजूदगी नहीं होने का दावा किया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध को गम्भीर बताते हुए जमानत पर जमकर विरोध जताया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात बचाव पक्ष के तर्कों से संतुष्ट होकर जिला जज ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किशोर की अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर करते हुए बड़ी राहत दी है,जिससे किशोर को 11 वीं की परीक्षा देने के लिए भी गिरफ्तारी का डर खत्म हो गया है। अदालत ने किशोर की नियमित अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तारीख तय किया है। वहीं जिला जज कोर्ट से राहत मिलने की दशा में किशोर न्याय बोर्ड में लम्बित सरेंडर अर्जी का भी कोई औचित्य शेष नहीं रह गया है।