
वाह रे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन!
IAS अधिकारियों और स्वार्थी तत्वों की साजिश – योगी जी को हराने की चाल , जनता पर तिहरा हमला?
लखनऊ — यह कोई संयोग नहीं है। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही लखनऊ में तैनात कुछ महाज्ञानी लेकिन अनुभवहीन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी और स्वार्थी पूर्व अधिकारी-नेता मिलकर एक खतरनाक साजिश रच रहे हैं। योगी आदित्यनाथ जी की जबरदस्त लोकप्रियता, विकास की रफ्तार और जन-कल्याण से जलते हुए वे मुख्यमंत्री को बदनाम करने, जनता पर बोझ डालकर उन्हें पद से हटाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। यह IAS गठबंधन अब खुलकर सामने आ रहा है – अच्छी योजनाओं को जानबूझकर खराब करके, टेंडरों में भारी ओवर प्राइसिंग, फॉल्टी इंस्टॉलेशन, जांच रोकना और जनता को परेशान करना – सब योगी जी की सफलता को कुंद करने की साजिश का हिस्सा लगता है।
यह साजिश अब जनता के विभिन्न वर्गों पर हमलावर बन चुकी है। खासकर **ऊर्जा उद्योग** पर (उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन और बिजली क्षेत्र) के संविदा कर्मियों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। अन्य विभागों (शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत आदि) के संविदा कर्मियों की समस्याओं से इनकी कोई तुलना नहीं की जा सकती – क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र जीवन-रेखा है, जहां कर्मी 24×7 खतरनाक काम करते हैं (लाइनमैन, सबस्टेशन, ट्रांसफॉर्मर मरम्मत), दुर्घटना/मौत का खतरा रोज है, लेकिन मुआवजा/सुरक्षा उपकरण/परिवार को नौकरी जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। IAS अधिकारी संविदा कर्मियों के नेताओं को भी मूर्ख बनाने में पीछे नहीं हैं। एक तरफ उन्हें भड़काते हैं जिससे आंदोलन भड़कते हैं, उनकी समस्याओं को सुनने की बजाय समझौते कर लिए जाते हैं – लेकिन उन समझौतों को लागू नहीं किया जाता। हजारों संविदा कर्मी सालों से समय पर वेतन (18-20 हजार न्यूनतम), EPF/ESI, सुरक्षा उपकरण, दुर्घटना मुआवजा और छंटनी रोकने की मांग कर रहे हैं। लेकिन समझौते होते हैं, परन्तु उन्हें अमल नहीं लाया जा रहा है जिसका नतीजा यह है कि लगातार प्रदर्शन, हड़तालें (शक्ति भवन लखनऊ, विभिन्न जिलों में), असंतोष और निजीकरण के खिलाफ चेतावनी है। यह बड़ा वर्ग है, और इनकी समस्याओं का समाधान न होने से आगामी चुनाव पर सीधा असर पड़ेगा। IAS अधिकारियों का यह खेल योगी जी की सरकार को बदनाम करने का हिस्सा लगता है – जबकि योगी जी ने UP Outsourcing Service Nigam Ltd बनाकर समय पर वेतन, EPF, ESI, मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं देने की दिशा में कदम उठाए रहे हैं।
यह साजिश उत्तर प्रदेश की जनता पर तिहरा हमला बन कर सामने आ चुकी है:
1. **10% फ्यूल सरचार्ज की लूट**
फरवरी 2026 के बिल में UPPCL ने अब तक का सबसे ऊँचा 10% सरचार्ज लगाया – ₹616 करोड़ की अतिरिक्त वसूली। आम आदमी का बिल अचानक 10%+ बढ़ रहा है। अस्थिरता जनता को पागल कर रही है।
2. **स्मार्ट मीटर का घोटाला**
करोड़ों का टेंडर खर्च करके लाई योजना अब लूट बन गई। बिलिंग एरर, फॉल्टी मीटर, नेगेटिव बैलेंस – जनता की जेब कट रही है।
3. **लखनऊ की वर्टिकल व्यवस्था पर चोट**
योगी जी की अच्छी मंशा से वर्टिकल डेवलपमेंट बढ़ा, लेकिन IAS साजिश से महंगी बिजली ने हाई-राइज सोसाइटीज को नरक बना दिया। निवेशक भाग रहे हैं।
सबसे बड़ा नुकसान उद्योगों और उद्योगपतियों पर पड़ रहा है। योगी जी निवेश ला रहे हैं, लेकिन महंगी बिजली से लागत बढ़ रही है – उद्योग बाहर जा रहे हैं।
एक तरफ यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी दिन-रात प्रदेश को उत्तम बनाने में जुटे हैं – औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, वर्टिकल सिटी, **ऊर्जा उद्योग** के संविदा कर्मियों के लिए सुधार, स्मार्ट मीटर जैसी योजनाएं सब उनकी दूरदर्शिता हैं। वे जनता के साथ खड़े हैं – जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन, भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्ती।
दूसरी तरफ IAS और स्वार्थी तत्वों का गठबंधन योगी जी की सफलता से जलकर उन्हें हराने की चाल चला रहा है। ऊर्जा उद्योग के संविदा कर्मियों को भड़काना, समझौते तोड़ना, चुनाव में जनता को गुमराह करना – यह लोकतंत्र का अपमान है।
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता भी चीख रही है कि घोटालों की। उच्च स्तरीय जांच हो, वसूली रोकी जाए। उत्तर प्रदेश की जनता जानती है – यह साजिश है और इसका जवाब समय आने पर देगी ।