
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर मचा सियासी घमासान, कांग्रेस ने पोस्टर से बोला योगी सरकार पर हमला
लखनऊ। प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) के 46वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के स्नान को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा दी है।प्रशासन से शुरू हुआ यह गतिरोध अब राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और पोस्टर वॉर का रूप ले चुका है।राजनीतिक दलों के बीच पोस्टर वॉर भी तेज हो गया है।
भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अयोध्या विधानसभा से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने राजधानी लखनऊ में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पर एक पोस्टर लगाया है।पोस्टर में प्रयागराज कुंभ के दौरान कथित रूप से छोटे ब्राह्मणों की शिखा खींचे जाने की तस्वीर लगाई गई है।
पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई जाको प्रभु दारुण दुख देही,ताकी मति पहले हर लेही का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं।पोस्टर के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया गया है।
*क्या है पूरा मामला*
प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है।मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद हो गया था।प्रशासन की तरफ से पालकी पर सवार अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान करने से रोका या था।प्रशासन की तरफ से वहां मौजूद अधिकारियों का साफ तौर पर कहना था कि किसी को भी पालकी से स्नान करने नहीं जाने दिया गया है,आप भी पैदल स्नान करिए।इसी बात पर प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद हो गया।विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई,इसी के बाद अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए थे।धरने पर बैठने के बाद से ही सियासी पारा हाई हो गया।प्रशासन की तरफ से शंकराचार्य होने को लेकर भी सवाल किया गया।
*अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सपा-कांग्रेस*
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 6 दिन से माघ मेला में धरने पर बैठे हैं, जिससे लगातार बयानबाजी हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री की तरफ से भी बयानबाजी की गई है।मामला अब गरमाता जा रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी लगातार अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बयान दे रही है,ऐसे में देखना होगा कि आने वाले कितने दिनों तक यह विवाद चलता है।