
लेखपाल के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बंजर भूमि के काटे गए थे पेड़
ग्रामीणों का आरोप- कटी पड़ी लकड़ी धीरे-धीरे हो रही गायब, जिम्मेदार अधिकारी मौन
विकास मिश्रा /नैमिष टुडे
सांडा/सीतापुर। बंजर भूमि पर लगे यूकेलिप्टस के दर्जनों पेड़ों को काटे जाने के मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे लेखपाल ने जांच कर लकड़ी रुकवा दी थी और मामले में नीलामी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, काटकर रखी गई लकड़ी धीरे-धीरे गायब हो रही है। मामला तहसील बिसवां व थाना क्षेत्र के सांडा चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत सांडा के गोपालापुर गांव का है। यहां बंजर भूमि के गाटा संख्या 131 पर यूकेलिप्टस के दर्जनों पेड़ लगे हुए थे। बताया जाता है कि इनमें से कुछ पेड़ तेज आंधी और चक्रवात के कारण गिर गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी फखरुद्दीन ने बंजर भूमि पर लगे पेड़ों को 50 हजार रुपये में एक ठेकेदार को बेच दिया, जिसके बाद पेड़ों को काट दिया गया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने संबंधित लेखपाल से की थी। शिकायत पर लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और काटे गए पेड़ों की लकड़ी रुकवाते हुए नियमानुसार नीलामी कराने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, इस मामले को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन लेखपाल दोबारा गांव नहीं पहुंचे और न ही अब तक कोई ठोस कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर पड़ी लकड़ी धीरे-धीरे गायब हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लकड़ी की नीलामी कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाती, तो लकड़ी के गायब होने की आशंका नहीं रहती। अब ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और काटे गए पेड़ों की लकड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस विषय पर संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल मुकेश कुमार द्वारा बताया गया लकड़ी की नीलामी की कार्यवाही की जाएगी समय कोई निश्चित नहीं है।