
ब्राह्मण और दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी के आरोप में सपा नेता पर केस, ऑडियो वायरल
नवाबगंज में एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, दलित ब्लॉक प्रमुख को गाली देने का भी आरोप; पीडीए के नारे पर उठे सवाल
कुंडा/प्रतापगढ़। ब्राह्मण और दलित समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणी का ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद नवाबगंज क्षेत्र में मामला गरमा गया है। पुलिस ने संग्रामपुर निवासी दिलीप यादव उर्फ भोले के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी खुद को समाजवादी पार्टी से जुड़ा बताता है। मामले को लेकर सपा के पीडीए नारे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को आलापुर बाजार स्थित संजय त्रिपाठी के कार्यालय में मौजूद लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक ऑडियो सुना। शिकायतकर्ता रमेश सरोज का आरोप है कि ऑडियो में दिलीप यादव उर्फ भोले द्वारा ब्राह्मण, पासी और दलित समाज के लोगों के साथ दलित ब्लॉक प्रमुख के लिए भी अभद्र एवं जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद लोगों में नाराजगी फैल गई।
निवर्तमान प्रधान के पति से बातचीत का बताया जा रहा ऑडियो
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने संग्रामपुर के निवर्तमान ग्राम प्रधान के पति ओम प्रकाश उर्फ जोखू को फोन पर गाली-गलौज की थी। इसी बातचीत का ऑडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है और जातिगत तनाव बढ़ने की आशंका है।
बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, थाना नवाबगंज में मुकदमा अपराध संख्या 0172/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 तथा एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(ट) और 3(1)(ध) में अभियोग दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सीओ कुंडा को सौंपी गई है। पुलिस ऑडियो की सत्यता और मामले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
पीडीए के नारे पर सियासी सवाल
घटना को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए की बात करते रहे हैं। ऐसे में पार्टी से जुड़ा बताए जा रहे व्यक्ति पर दलित और अन्य समाजों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के आरोप ने राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आरोपी की पार्टी में आधिकारिक भूमिका और वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।फिलहाल, शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच जारी है। शिकायतकर्ता पक्ष आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।