लेखपाल संघ का आंदोलन तेज, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध; मांगें पूरी न हुईं तो बढ़ेंगी मुश्किलें, किसान और ग्रामीण भी होंगे प्रभावित

लेखपाल संघ का आंदोलन तेज, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध; मांगें पूरी न हुईं तो बढ़ेंगी मुश्किलें, किसान और ग्रामीण भी होंगे प्रभावित

लालगंज, प्रतापगढ़। वर्षों से लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर लेखपाल संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को थाना लीलापुर, तहसील लालगंज, जनपद प्रतापगढ़ में लेखपाल संघ के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर विरोध दर्ज कराया। संघ की प्रमुख मांगों में पिछले 10 वर्षों से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड-पे की मांग एवं वेतन विसंगति का समाधान न होना, 8 वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण लंबित रहना, 2 वर्षों से पदोन्नति सूची जारी न होना तथा 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी न होना शामिल है। इसके अलावा नव नियुक्त लेखपालों का परीक्षा परिणाम घोषित कर स्थायीकरण करने, परिषदादेश जारी होने के बावजूद लेखपालों को पट्टल सहायक/प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त करने, लेखपालों को तकनीकी पद घोषित करने तथा ग्राम सचिवालयों में आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और उचित भत्ते उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। लेखपाल संघ की जिला मंत्री प्रतिमा सिंह ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और ग्रामीण स्तर पर भूमि संबंधी अभिलेखों, वरासत, पैमाइश, सीमांकन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का वर्षों तक लंबित रहना चिंताजनक है। उन्होंने मांगों के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि संघ अपनी जायज मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए संगठित और अनुशासित तरीके से संघर्ष कर रहा है तथा समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। आंदोलन लंबा खिंचने की स्थिति में ग्रामीणों और किसानों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट, जमीन की वरासत, पैमाइश, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों में सुधार और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े सत्यापन कार्यों में देरी होने की आशंका है, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों को संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। हालांकि, आम जनता के कामकाज पर वास्तविक असर आंदोलन के दौरान प्रभावित होने वाली सेवाओं पर निर्भर करेगा। ऐसे में शासन के सामने चुनौती है कि वह लेखपाल संघ की मांगों पर जल्द वार्ता कर समाधान निकाले, ताकि कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ ग्रामीणों और किसानों के काम भी प्रभावित न हों। संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर, 14 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने, 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन तथा 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर धरना जारी रखने की घोषणा की गई है। थाना लीलापुर में विरोध दर्ज कराने वालों में लेखपाल संघ की जिला मंत्री प्रतिमा सिंह,जिला संगठन मंत्री आशीष तिवारी,इरफान अहमद, संदीप तिवारी, अजय तिवारी, आदित्य मिश्रा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, महेश सरोज एवं सर्वजीत यादव सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। अब निगाहें शासन के रुख पर टिकी हैं कि वह लेखपाल संघ की मांगों का समाधान कर आंदोलन को समाप्त कराने और आम जनता के राजस्व संबंधी कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

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