
काशी में गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क,घाटों से टूट रहे संपर्क
वाराणसी।आध्यात्मिक नगरी काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।आसपास के जिलों में तेज बारिश,मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की नदियों का भी पानी आने से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।शुक्रवार रात 8 बजे काशी में जलस्तर दो सेंमी प्रति घंटा बढ़ रहा था।केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक अगले 48 घंटे तक बढ़ोतरी जारी रहेगी।गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।वहीं तटवर्ती इलाकों में हलचल बढ़ गई है।
24 घंटे पहले शिवाला घाट का संपर्क अन्य घाटों से कट चुका है।मणिकर्णिका घाट स्थित रत्नेश्वर मंदिर का गर्भगृह पूरी तरह डूब गया। घाटों से भी संपर्क टूट रहा है।गंगा का जलस्तर बढ़ने से त्रिलोचन घाट के किनारे बने घर बाढ़ के पानी में डूब गए, जिसके बाद एक व्यक्ति बाढ़ के पानी से होकर गुज़रता हुआ नजर आया।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का जलस्तर 63.14 मीटर पहुंच गया है। हालांकि यह चेतावनी बिंदु से सात और खतरे के निशान से आठ मीटर नीचे है।वहीं प्रयागराज में गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है।वहीं कांवरियों,शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है।जल पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। नाविकों को नाव संचालन में सचेत रहने की हिदायत दी जा रही है।
एडीएम (वित्त) एवं प्रभारी आपदा अधिकारी सदानंद गुप्ता ने शुक्रवार को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े विभागों के साथ वुर्चअल बैठक की।एडीएम ने राजातालाब और सदर तहसील के तहसीलदारों को बाढ़ राहत कैंपों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर 10 से 20 फीसदी अतिरिक्त स्थल चिह्नित करने को कहा। बीएसए को स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमियां दूर कराने का निर्देश दिया।सीएमओ को मेडिकल से जुड़े इंतजाम समय रहते पूरे करने के लिए कहा है।एडीएम ने गुरुवार दोपहर में ढेलवरिया औऱ हुकुलगंज में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। प्रा.विद्यालय ढेलवरिया,पुराना पुल, सरैया भी गए।