
जौनपुर पुलिस ने 151 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर लौटाए, अब तक 1791 मोबाइल स्वामियों को मिला उनका खोया फोन
जौनपुर /ब्यूरो चीफ /अरुण कुमार दुबे /नैमिष टुडे
जौनपुर पुलिस की साइबर क्राइम थाना एवं जनपद के विभिन्न थानों की साइबर सेल टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से 151 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही जौनपुर पुलिस अब तक कुल 1791 गुमशुदा मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये है, उनके मालिकों को वापस दिलाने में सफलता हासिल कर चुकी है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी आयुष श्रीवास्तव के निर्देशन तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
पुलिस के अनुसार, CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों एवं प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर साइबर क्राइम थाना और जनपद के थानों की साइबर सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर मोबाइल फोन बरामद किए। ये मोबाइल जौनपुर के अलावा आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों तथा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान से बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।
मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सौंपते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम होने पर तत्काल संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के साथ ही CEIR पोर्टल पर शिकायत अवश्य दर्ज करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आवश्यकता पड़ने पर निकटतम थाने की साइबर हेल्पडेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है।
खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर सभी मोबाइल स्वामियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जौनपुर पुलिस का आभार जताया। अभियान को सफल बनाने में साइबर क्राइम थाना एवं जनपद के सभी थानों की साइबर सेल में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।