
प्रीाचीन दधीचि कुंड तीर्थ पर हुआ भव्य सन्यासी पूजन
मिश्रित सीतापुर / महर्षि दधीचि की पावन तपो भूमि कस्बा मिश्रित के प्राचीन दधीचि कुंड तीर्थ पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सन्यासी पूजन कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। प्रातःकाल से ही कुंड परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजन-अर्चन किया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दधीचि कुंड के प्रधान पुजारी राहुल शर्मा द्वारा विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण, पूजन एवं महाआरती के साथ किया गया। शंखध्वनि, घंटानाद और वैदिक ऋचाओं की गूंज से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा। प्रधान पुजारी ने बताया कि सन्यासी पूजन की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति और संत परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना है।
पूजन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित अन्य कई प्रांतों से आए यजमानों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर डंडी सन्यासियों का अभिनंदन किया। स्थानीय गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों एवं समिति के पदाधिकारियों द्वारा संत-महात्माओं को अंगवस्त्र, प्रसाद और दक्षिणा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और सदाचार का संदेश देते हुए समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान भव्य भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु जलपान, बैठने की व्यवस्था एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सन्यासी पूजन के इस पावन अवसर पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से दधीचि कुंड परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं का उत्साह और संतों का सान्निध्य इस आयोजन को और अधिक दिव्य एवं अविस्मरणीय बना गया। आयोजकों ने बताया कि विगत कई वर्षों यह सन्यासी पूजन होता चला आ रहा है ।