
लोनी में नाबालिग से छेड़छाड़:
24 घंटे की नींद से जागी पुलिस, अलार्म बना भाजपा नेता
लोनी /गाजियाबाद
कहते हैं कानून सबके लिए बराबर होता है, लेकिन लोनी पुलिस के लिए शायद यह नियम समय और सिफ़ारिश देखकर लागू होता है। रुप नगर चौकी क्षेत्र की सरस्वती विहार कॉलोनी में ट्यूशन से घर लौट रही एक नाबालिग बच्ची के साथ राह चलते छेड़छाड़ की घटना ने यही सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीच गली में एक मनचले युवक ने बच्ची से छेड़छाड़ की और जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की। बच्ची के विरोध और एक जागरूक महिला के शोर मचाने पर आरोपी युवक अपनी मोटरसाइकिल समेत मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पीड़िता के परिजन न्याय की उम्मीद लेकर रुपनगर औद्योगिक चौकी पहुँचे, लेकिन वहाँ उन्हें कार्यवाही नहीं, बल्कि “आश्वासन” थमा दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और परिजनों को चौकी से टरका दिया।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस करीब 24 घंटे तक मामले को दबाए बैठी रही, जबकि पीड़ित परिवार आरोपी की तलाश में खुद ही दर-दर भटकता रहा। शायद पुलिस की फाइल तब तक नहीं खुलती, जब तक कोई “विशेष अलार्म” न बजे।
यह अलार्म भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशू शर्मा बने। उनके थाने पहुँचते ही पुलिस की सुस्ती टूट गई और अचानक कानून को याद आ गया। इसके बाद परिजनों द्वारा बताए गए पते पर पहुँचकर पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।
अब सवाल यह नहीं है कि आरोपी पकड़ा गया या नहीं, सवाल यह है कि
अगर भाजपा का कोई पदाधिकारी थाने न पहुँचता तो क्या यह मामला यूँ ही फाइलों में दबा रहता?
क्या एक नाबालिग की सुरक्षा के लिए भी पुलिस को राजनीतिक “रिमाइंडर” की ज़रूरत है?
लोनी पुलिस की इस कार्यशैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहाँ कानून से पहले “सिफ़ारिश” चलती है और इंसाफ़ की घड़ी तब बजती है, जब कोई खास नाम दरवाज़े पर दस्तक दे देता है।