
ग्राम पंचायत के मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार करने का लगा दीमक।
प्रधान,रोजगार सेवक और सचिव की मिली भगत से लगाई रही फर्जी हाजिरी।
संवाददाता/ दिलीप त्रिपाठी
महमूदाबाद/ सीतापुर।ब्लॉक
पहला के अन्तर्गत
प्रदेश की सरकार लगातार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है लेकिन उसके सरकारी नुमाइंदे सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं गांव के जिम्मेदार लोग फर्जी मजदूरों की उपस्थित दर्शाकर सरकारी धनराशि का भरपूर दोहन करके अपनी तिजोरी भर रहे हैं। ब्लाक की ग्राम पंचायत की खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही करना नहीं चाहता है पूरा मामला ग्राम पंचायत मुसैदाबाद का बताया जा रहा है जहाँ पर 2 कार्य चल रहे हैं।पहला कार्य ग्राम पंचायत भवन की मरम्मत एवं रँगाई व पुताई कार्य पर केवल 7 मजदूर कार्य करते पाए गए जबकि मास्टर रोल पर 29 मजदूरों की फर्जी उपस्थित लगाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है उसी ग्राम पंचायत में दूसरा कार्य बंताला तालाब की सफाई कार्य चल रहा है वही मौके पर 6 मजदूर कार्य करते उपस्थित पाये गए और मास्टर रोल पर 49 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि से अपनी अपनी तिजोरी भरने का काम किया जा रहा है और वही दूसरी तरफ ग्राम पंचायत खमरिया में फर्जी हाजिरी लगाने का मामला प्रकाश में आया है। जहां पर मनरेगा योजना के तहत जमकर भृष्टाचार किया जा रहा है ग्राम पंचायत खमरिया में मनरेगा योजना भृष्टाचार की भेंट चढ़ जा रही है।आपको बताते चले कि सरकार के द्वारा चलाई गई राष्ट्रीय ग्रामीण मनरेगा गारंटी योजना कहने को तो भले ही गरीबों के लिए वरदान कही जा रही हो लेकिन ग्राम पंचायत मुसैदाबाद व खमरिया में जमीनी स्तर पर भृष्टाचार के चलते गरीबों को मनरेगा योजना का लाभ ना मिलकर ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रधान ,सचिव और रोजगार सेवक फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर गरीबों के हक पर डाका डाल कर अपनी तिजोरी भरने का काम जरूर कर रहे हैं।खमरिया ग्राम पंचायत में पहाड़ापुर पुल से राम नाथ के खेत तक ड्रेन की पटरी सफाई कार्य मौके पर पूरा पाया गया। और एक भी मजदूर कार्य नही कर रहा था। और 59 मजदूरों की फर्जी तरीके से हाजिरी लगाई जा रही है।लेकिन धरातल पर कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि एक सप्ताह पहले ही कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन अभी भी हाजिरी फ़र्जी तरीके से लगाई जा रही है जिसका मनरेगा पोर्टल स्वंय गवाही दे रहा है। सरकार की धनराशि सरकारी खजाने से निकाल कर जिम्मेदार लोग अपनी तिजोरी भर रहे हैं।इससे यह लग रहा है कि ग्राम पंचायत में ऐसे बहुत से कार्य देखने को मिल सकते हैं जिनमें जमकर भ्रष्टाचार किया गया है और बहुत से ऐसे कार्य होंगे जिनमें सरकारी धनराशि का बंदर बांट किया गया होगा।अब देखना यह है कि इन दोनों ग्राम पंचायतों के फर्जीवाड़े की खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कार्यवाही होगी ?जब इस सम्बन्ध में ग्राम सचिव से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा।अब
देखना यह है कि लोगों की जन भावना का सम्मान कर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करते हुए क्या उच्च स्तर के अधिकारी गंभीरता से इस फर्जी वाड़े की जांच कर दोषी पाए जाने की स्थिति में कार्यवाही करेंगे?क्या योगी सरकार में भ्रष्टाचार करने वालो पर कोई कार्यवाही होगी?या सिर्फ कागज पर स्पष्टीकरण को लेकर लीपा पोती कर देंगे।