बरी गोशाला में अव्यवस्थाओं का आरोप, सूखा चारा खा रहे गोवंश! सवाल पूछने पर प्रधान अशोक कुमार की कथित बदसलूकी

बरी गोशाला में अव्यवस्थाओं का आरोप, सूखा चारा खा रहे गोवंश! सवाल पूछने पर प्रधान अशोक कुमार की कथित बदसलूकी

 

प्रधान अशोक कुमार पर पत्रकारों से अभद्रता का आरोप, बोले—‘जूतों मारकर भगा देता हूं’; गोशाला की व्यवस्थाओं और गोवंश के रखरखाव पर उठे सवाल

नैमिष टुडे संवाददाता
धीरेन्द्र कुमार वर्मा

रेउसा, सीतापुर।
सरकार जहां गोवंश के संरक्षण और उनके बेहतर रखरखाव के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं विकास खंड रेउसा की ग्राम पंचायत बरी स्थित गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोशाला में गोवंश को सूखा चारा दिए जाने का आरोप सामने आया है। यदि ये आरोप सही हैं, तो यह गोवंश के चारे और देखभाल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब गोशाला की व्यवस्थाओं के संबंध में ग्राम प्रधान अशोक कुमार से जानकारी मांगने की बात सामने आई। आरोप है कि सवालों का जवाब देने के बजाय प्रधान ने पत्रकारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत के मुताबिक, प्रधान ने कथित तौर पर कहा, ‘पत्रकारों को मैं जूतों मारकर भगा देता हूं, तुम होते कौन हो पूछने वाले कि गोशाला में क्या स्थिति है?’
यदि बातचीत के दौरान वास्तव में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, तो यह पत्रकारों के साथ व्यवहार और सार्वजनिक जिम्मेदारी निभाने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
गोशाला की व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच की मांग
गोशाला में गोवंश को पर्याप्त हरा चारा, भूसा, स्वच्छ पानी और उचित देखभाल मिल रही है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। गोशाला की वास्तविक स्थिति, चारे की उपलब्धता और गोवंश के रखरखाव से जुड़े इंतजामों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
गोशाला जैसी सार्वजनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। ग्राम पंचायत के अंतर्गत संचालित गोशाला की स्थिति के बारे में जानकारी मांगना और व्यवस्थाओं की पड़ताल करना जनहित से जुड़ा विषय है। ऐसे में उठाए गए सवालों का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
अब जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे संज्ञान?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरी गोशाला में चारे और रखरखाव की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या गोवंश को पर्याप्त पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जा रहा है? यदि व्यवस्थाओं में कमी है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? और पत्रकारों से कथित अभद्र व्यवहार के मामले में संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाएंगे?
अब निगाहें विकास खंड रेउसा के संबंधित अधिकारियों और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जरूरत है कि गोशाला का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, गोवंश के चारे और देखभाल की व्यवस्था की जांच हो तथा शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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