
टावर पर चढ़कर समस्या उठाने का तरीका चर्चा में
बाघराय के बाद संग्रामगढ़ में भी रास्ते और जलनिकासी की शिकायत पर ग्रामीण टावर पर चढ़ा
कुंडा/प्रतापगढ़। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए टावर पर चढ़ने की घटनाएं जिले में लगातार सामने आने लगी हैं। बाघराय के बाद अब संग्रामगढ़ इलाके में भी रास्ते और जलनिकासी की समस्या को लेकर एक ग्रामीण के टावर पर चढ़ने का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सक्रियता जरूर दिखी, लेकिन लगातार ऐसी घटनाओं का सामने आना शिकायत निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।गुरुवार को कोटा भवानीगंज निवासी उमेश सरोज उर्फ बाला मिस्त्री रास्ते और जलनिकासी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर बीएसएनएल टावर पर चढ़ गया। ग्रामीण के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए।बताया गया कि उमेश पिछले करीब छह माह से रास्ते और जलनिकासी की समस्या के समाधान के लिए आईजीआरएस समेत संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत कर रहा था। आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर उसने टावर पर चढ़कर विरोध जताया।
एसडीएम के आश्वासन पर नीचे उतरा ग्रामीण
मौके पर पहुंचे एसडीएम कुंडा अजय यादव ने ग्रामीण से बातचीत की और रास्ते तथा जलनिकासी की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण को टावर से नीचे उतारा गया। पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई।
एसओ सिद्धार्थ सिंह के अनुसार, टावर पर चढ़ने वाले युवक के खिलाफ अधिकारियों के आदेश पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बाघराय की घटना के बाद फिर उठा सवाल
इससे पहले सोमवार को बाघराय थाना क्षेत्र के सिया गांव निवासी सुरेश सरोज ने छेउंगा लक्ष्मणपुर में आवागमन के लिए रास्ता न होने की समस्या को लेकर टावर पर चढ़कर विरोध जताया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन देकर समस्या के समाधान की बात कही थी। हालांकि बाद में पुलिस ने सुरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।कुछ ही दिनों के अंतराल में सामने आई दोनों घटनाओं ने प्रशासनिक शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जब ग्रामीण महीनों तक प्रार्थना पत्र और ऑनलाइन शिकायतें करने के बाद भी समाधान न होने का आरोप लगाते हैं, तो आखिर उन्हें अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इस तरह का जोखिम क्यों उठाना पड़ रहा है?वहीं प्रशासन के लिए भी यह चुनौती है कि शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जोखिम भरे विरोध का सहारा लेने को मजबूर न हों।