
वैदिक संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प, संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर जोर
बदलापुर/जौनपुर /ब्यूरो चीफ /अरुण कुमार दुबे
जौनपुर। श्री उमा महेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, कोलढेमा परिसर में सोमवार को वैदिक ब्राह्मण परिवार ट्रस्ट एवं श्री उमा महेश्वर संस्कृत पाठशाला के संयुक्त संयोजकत्व में वैदिक संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ट्रस्ट के जिला संयोजक पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य वक्ता पं. जगदीश नारायण उपाध्याय ने कहा कि वैदिक संस्कृति भारत की आत्मा है और संस्कृत भाषा हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से संस्कृत अध्ययन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और जनजागरण को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम में वैदिक संस्कृति, संस्कृत भाषा के संवर्धन तथा सामाजिक दायित्वों पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्ण व्यास, राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद दुबे, जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी, जिला प्रचारक जयशंकर त्रिपाठी ‘जौनपुरी’, ज्योतिषाचार्य चन्देश्वर तिवारी, कार्यक्रम संचालक एवं प्राचार्य डॉ. ज्ञानप्रकाश मिश्र, कार्यक्रम सहयोगी पं. अभिषेक तिवारी, पं. शिव सूरत उपाध्याय, पं. लालमणि पांडेय, हरिशंकर दुबे, प्राचार्य डॉ. अशोक दुबे, डॉ. दयाशंकर दुबे, रविन्द्र नाथ मिश्रा, रामनयन दुबे, सुशील दुबे, मुन्ना दुबे, रामविलास उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, शिवशंकर उपाध्याय सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।