
पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ,निष्पक्षता बनाए रखें घनश्याम पाठक
पत्रकारिता के दायित्व और बदलते परिदृश्य पर पत्रकार भवन में हुआ संगोष्ठी का आयोजन
जौनपुर। पत्रकार प्रेस क्लब इकाई जौनपुर द्वारा रविवार को जिला मुख्यालय स्थित पत्रकार भवन, कचहरी मुख्यालय परिसर में पत्रकारिता विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एक दैनिक समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक एवं पत्रकार प्रेस क्लब के संस्थापक/प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक रहे। संगोष्ठी में जिले के अनेक पत्रकारों ने भाग लेकर पत्रकारिता से जुड़े समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
मुख्य अतिथि घनश्याम पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन और प्रसारण भर नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है, जिसकी निष्पक्षता, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जनता का विश्वास टिका होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण सूचना का प्रवाह अत्यंत तेज हो गया है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे तथ्यों की सत्यता की जांच कर ही समाचार प्रकाशित या प्रसारित करें। अपुष्ट और भ्रामक खबरें समाज में भ्रम और अविश्वास का वातावरण पैदा करती हैं, जिससे पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। पत्रकारिता विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज भूषण मिश्रा ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। श्री मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के वंचित, शोषित और आम नागरिक की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुँचाना तथा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना है। पत्रकार प्रेस क्लब जौनपुर इकाई के जिला अध्यक्ष कृपा शंकर यादव ने पत्रकारिता के समक्ष आने वाली चुनौतियों, बदलते तकनीकी परिवेश और पत्रकारों के अधिकारों एवं सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में उपस्थित सभी पत्रकार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने तथा संगठन की एकजुटता को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह संगोष्ठी पत्रकारों के लिए अनुभवों के आदान-प्रदान, विचार-मंथन और पत्रकारिता के मूल्यों को पुनः स्मरण कराने का एक सार्थक मंच सिद्ध हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एक दैनिक समाचार पत्र के प्रधान संपादक रामजी जायसवाल तथा संचालन वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल हक अंसारी ने किया। संगोष्ठी में प्रमुख रूप से पंकज भूषण मिश्रा, रामजी जायसवाल,कृपा शंकर यादव, अजीत सिंह,दीपक श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा,गुलजार अली, पवन गुप्ता, कमलेश यादव, आलोक सिंह, संजय चौरसिया, विनोद विश्वकर्मा, सुधीर उपाध्याय,बृजनंदन स्वरूप, राजेश पाल, सुभाष पाल, राजकुमार बेंनवंशी, लालचंद्र निषाद, अरविंद कुमार यादव,अरविंद कुमार पटेल, डॉ विजय बहादुर यादव, अनुपम कुमार मौर्य, जहीर खान,पृथ्वी राजकुमार, गोविंद कुमार,प्रवीण कुमार, विनीत कुमार,राम सहाय,सर्वेश कुमार, संजय यादव, शेखर चौहान, रामाज्ञा यादव, अजीत बादल, नीरज सिंह, अंकित श्रीवास्तव,लक्ष्मीकांत पाल सहित तमाम पत्रकार उपस्थित रहे।