आगरा के शोधार्थी जयकांत पाराशर को पीएचडी की उपाधि, ‘ग्रामीण विकास’ पर शोध के लिए हुए सम्मानित

आगरा के शोधार्थी जयकांत पाराशर को पीएचडी की उपाधि, ‘ग्रामीण विकास’ पर शोध के लिए हुए सम्मानित

विष्णु सिकरवार
आगरा। क्षेत्र के होनहार शोधार्थी जयकांत पाराशर को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि से नवाजा गया है। उन्होंने अपना यह शोध कार्य मंगलायतन यूनिवर्सिटी के ‘इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स’ (फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स) के अंतर्गत सफलतापूर्वक पूरा किया।
संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. जयकांत पाराशर ने अपना यह महत्वपूर्ण रिसर्च वर्क प्रोफेसर शैलेंद्र सिंह के कुशल एवं योग्य निर्देशन (Guidance) में पूरा किया। शोध प्रबंधन समिति और जूरी सदस्यों द्वारा गहन मूल्यांकन और मौखिक परीक्षा (Viva-Voce) के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई और उन्हें आधिकारिक रूप से उपाधि से नवाजा गया।

शोध का विषय: आगरा में ग्रामीण विकास और सामाजिक बदलाव
डॉ. जयकांत पाराशर के शोध का मुख्य विषय “आगरा जिले में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव” (Socio Economic Impact Of Rural Development Programs In Agra District) था।
अपने इस विस्तृत और जमीनी स्तर के रिसर्च में उन्होंने आगरा जनपद के विभिन्न ग्रामीण अंचलों का दौरा किया। उन्होंने अपने शोध में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया है:
• सरकारी योजनाओं का असर: ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही बुनियादी ढांचागत विकास योजनाओं का आम लोगों के जीवन स्तर पर क्या प्रभाव पड़ा।
• सड़कों और कनेक्टिविटी की भूमिका: ग्रामीण सड़कों और कनेक्टिविटी के सुधरने से स्थानीय व्यापार, कृषि और शिक्षा के स्तर में आया बदलाव।
• गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का योगदान: जिला प्रशासन के साथ मिलकर ग्रामीण विकास में काम कर रहे स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका का निष्पक्ष मूल्यांकन।
उनके इस शोध के कई महत्वपूर्ण हिस्से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित और पीयर-रिव्यूड (Peer-Reviewed) रिसर्च जर्नल्स में भी प्रकाशित हो चुके हैं, जिन्हें विषय विशेषज्ञों द्वारा काफी सराहा गया है।
भविष्य की नीतियों में मददगार साबित होगा शोध
शिक्षाविदों का मानना है कि डॉ. जयकांत पाराशर का यह शोध पत्र केवल एक शैक्षणिक दस्तावेज मात्र नहीं है, बल्कि यह भविष्य में आगरा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नीतियां और विकास योजनाएं तैयार करने में नीति निर्माताओं और जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ (Reference) के रूप में मददगार साबित हो सकता है।
शुभचिंतकों और शिक्षाविदों ने दी बधाई
इस बड़ी उपलब्धि के बाद डॉ. जयकांत पाराशर को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उपाधि मिलने की घोषणा होते ही उनके मित्रों, सहपाठियों, विश्वविद्यालय स्टाफ और आगरा के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता ने कहा शोध ग्रामीण आँचल में नयी क्रांति लाने में सहयोग करेगा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शंकर देव राष्ट्रीय सचिव नरेश सक्सेना ने बधाई देते हुये उज्जवल भविष्य की कामना की आगरा जिला अध्यक्ष विष्णु सिकरवार, प्रमेन्द्र फौजदार , शिवम सिकरवार ने मिठाई खिलाकर बधाई दी |
बधाई देने वाले शुभचिंतकों का कहना है कि जयकांत ने अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे आगरा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी शैक्षणिक व सामाजिक जीवन के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
जयकांत पाराशर अपने शोध को अपने पिताजी श्याम सुन्दर पाराशर (वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्त्ता/ सह प्रदेश प्रभारी राजस्थान (ग्रापए) एवं माँ श्रीमती शारदा देवी जिन्होंने चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान मुझे असीम कृपा, शक्ति और मार्गदर्शन दिया। उनकी अनंत दया और आशीर्वाद के बिना, यह उपलब्धि हासिल करना संभव नहीं होता।
बड़े भाई पत्रकार श्रीकांत पाराशर (प्रबंधक रामहरी महाविद्यालय खेरागढ़) छोटी बहिन ज्योत्स्ना पाराशर व् पत्नी प्रीती शर्मा को समर्पित करते हुये कहा जो जीवन भर मेरे दोस्त और confidants रहे हैं; आपकी मौजूदगी ने मेरे बोझ को हल्का किया। आप मेरे जीवन के रक्षक हैं।

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