
जनसुविधा केंद्र संचालक की महिला ने की पुलिस से शिकायत
विधवा महिला ने नौकरी न मिलने पर जनसुविधा केंद्र संचालक को ठहराया दोषी
सांडा/सकरन/ सीतापुर- निराश्रित महिला ने नौकरी न मिलने पर जनसुविधा केंद्र संचालक को ठहराया दोषी। पुलिस से की शिकायत।
विकास खण्ड सकरन क्षेत्र ग्राम पंचायत मड़ोर के मजरा किशुन मड़ोर निवासी महिला ऊषा देवी पत्नी संतोष कुमार ने बताया मेरे पति की दो साल पहले दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मैंने अपनी ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर ब्लॉक मुख्यालय स्थित जनसुविधा केंद्र संचालक शिवकुमार से फॉर्म ऑनलाइन करवाया था जिसकी तीन सौ रुपए फीस भी अदा की थी। वर्तमान में आईसीडीएस विभाग में चयन प्रकिया चल रही जिसमें मुझको कोई जानकारी नहीं मिली जिसके उपरांत प्रार्थिनी ने आईजीआरएस के माध्यम से बाल विकास परियोजना अधिकारी पर आरोप लगाते हुए चयन प्रकिया में धांधली का आरोप लगाया था। जिसकी जांच में पाया गया की आवेदिका का फॉर्म ही नहीं ऑनलाइन है। जिससे प्रार्थिनी मानसिक रूप से प्रताड़ित हुई और नौकरी न मिलने की वजह पूर्ण रूप से जनसुविधा केंद्र संचालक की है। जिसकी शिकायत पुलिस से की है। आवेदिका के अनुसार विभाग में विधवा महिला को वरीयता क्रम में रखते हुए चयन किया जाता है। अगर फॉर्म ऑनलाइन हुआ होता तो शायद यह नौकरी जीवकोपार्जन हेतु एक साधन बन जाती।