
लखनऊ में एलपीजी गैस की किल्लत,कोयले में लगी आग,80 फीसदी तक उछले दाम
लखनऊ।सूबे की राजधानी लखनऊ में एलपीजी गैस की किल्लत से आम आदमियों और व्यापारियों का चूल्हा ठंडा होना शुरू हो गया है।गैस न मिलने से लोग विकल्प के तौर पर कोयले की ओर मुड़े,लेकिन कोयले की महंगाई ने झुलसा दिया।तीन दिनों में कोयले की कीमतों में 80 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है।
बता दें कि यूपी के लगभग सभी मंडलों में एलपीजी गैस का संकट बढ़ता ही जा रहा है।तेल कंपनियों का सर्वर ठप होने कारण एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है।दूसरी ओर कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने के कारण कोयले से जलने वाली की भट्ठियां जगह-जगह फिर से धधकने लगी हैं।
*कालाबाजारी करने पर एजेंसी संचालक समेत तीन गिरफ्तार*
गोरखपुर में कालाबाजारी करने पर एजेंसी संचालक समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है।कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति लगभग सभी जिलों में बंद है।होटल-ढाबे,रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड की दुकानों पर असर पड़ा है।इसमें ठेले-खोमचा से लेकर बड़े प्रतिष्ठान शामिल हैं।इसका असर सहालग पर भी पड़ने लगा है।इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की बिक्री बढ़ी है। वहीं छोटे स्ट्रीट वेंडर कारोबार बंद करने की कगार पर आ गए हैं।
*टिफिन सर्विस कारोबार प्रभावित,मिड डे मील और मेस आदि पर गहराने लगा है संकट*
टिफिन सर्विस कारोबार प्रभावित है।मिड डे मील,मेस आदि में भी संकट गहराने लगा है।संकट का सबसे बड़ा कारण तेल कंपनियों का सर्वर का बैठ जाना बताया जा रहा है।पिछले कई दिनों से ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी सिस्टम पूरी तरह ठप है।कानपुर में जहां रोजाना 25 हजार बुकिंग होती थी,वहां अब मुश्किल से 5 हजार हो पा रही है।ब्रज और रुहेलखंड में स्ट्रीट फूड की 60 फीसदी दुकानें बंद हो चुकी हैं।होटल और रेस्टोरेंट के मेन्यू से 80 फीसदी आइटम गायब हैं।बता दें कि तीन दिन पहले कोयला 40 से 50 रूपये प्रति किलो था।आज शुक्रवार को 70 से 80 रूपये प्रति किलो है।
*दुकानदारों का दर्द*
चारबाग रेलवे स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट संचालक संतोष कुमार बताते हैं कि व्यावसायिक सिलेंडर (कामार्शियल सिलेंडर) बाजार से गायब है।काम जारी रखने के लिए मजबूरी में भट्ठी सुलगाई है,लेकिन अब कोयला भी 80 रुपए किलो मिल रहा है।यही हाल निशातगंज के दुकानदारों का भी है, जहां पत्थर कोयला अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
*लखनऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष ने ये बताया*
लखनऊ व्यापार मंडल अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि कोयला पर सरकार की किसी प्रकार की निगरानी नहीं है।यह अवश्यक वस्तु अधिनियम में भी शामिल नहीं है न ही इसके दामों पर कोई नियंत्रण है।यही कारण है कि कोयले के दाम आज 40-50 रूपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपया तक पहुंच गया है। अधिकतर दुकान अपने कोयले को बेहतर गुणवत्ता वाला बता कर ही ज्यादा दाम वसूल रहे हैं।