महमूदाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाएं चरम पर, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन के बिना जनता बेहाल

महमूदाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाएं चरम पर, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन के बिना जनता बेहाल

 

महमूदाबाद, जनपद सीतापुर:

महमूदाबाद नगर के आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली अब किसी से छिपी नहीं है। इस अस्पताल में न तो अल्ट्रासाउंड मशीन है और न ही एक्स-रे मशीन, जिससे आम जनता को जांच के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर्स की ओर रुख करना पड़ता है। इससे जहां एक ओर मरीजों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी कमजोर हो रहा है।

 

एक स्थानीय समाजसेवी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अस्पताल के एक डॉक्टर मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जानबूझकर रिफर कर देते हैं, जिससे मरीजों को महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है। कई बार इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

 

*सभासद अय्यूब अहमद डम्पी* ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शासन को लिखित शिकायत दी है। शासन से पत्र भी प्राप्त हुआ है जिसमें कहा गया है कि मशीनों का भुगतान हो चुका है और वे जल्द ही अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक कोई मशीन अस्पताल में नहीं लगाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं है।

 

महिला अस्पताल की हालत भी कम खराब नहीं है। वहाँ नियुक्त डॉक्टर की नियमित उपस्थिति न होने से गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों को भारी कठिनाई होती है। डॉक्टर कभी-कभी ही अस्पताल आती हैं, जबकि जरूरतमंद महिलाओं को अपनी जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है।

 

*समाजसेवी तुफैल अहमद नदवी ने बताया*

महमूदाबाद अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। स्थानीय नागरिकों को अपनी जांच व इलाज के लिए सुबह-सुबह से ही प्राइवेट अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब्स में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।

 

*जैन समाज के अध्यक्ष अनुज कुमार जैन* ने बताया कि सामुदायिक भवन की पानी की टंकी बेहद जर्जर हालत में है और कभी भी गिर सकती है। अगर कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टर मरीजों को बाहर की जांच और बाहर की दवाइयां लिखते हैं, जिससे गरीब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ता है।

 

इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य केंद्र महमूदाबाद के अधीक्षक आशीष वर्मा ने बताया कि मशीनों और डॉक्टरों की कमी को लेकर कई बार विभाग को पत्र भेजा गया है। शासन से डिमांड की जा चुकी है और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही हालात में सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे।

 

अब देखना यह है कि शासन और प्रशासन कब तक महमूदाबाद की जनता की समस्याओं पर संज्ञान लेते हैं और कब उन्हें सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल पाती हैं।

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