पुलिस और तहसील प्रशासन के संरक्षण में कस्बा मिश्रित की आवासीय ऐरिया में अवैध रूप से संचालित हो रहीं कबाड़ की दुकाने ।
मिश्रित सीतापुर / कस्बा मिश्रित में कोतवाली पुलिस और तहसील प्रसाशन के संरक्षण में कई कबाड़ की दुकाने खुले आम संचालित हो रही है । यह कबाड़ी अपनी दुकान पर दोपहिया एवं चार पहिया वाहन व बड़े डीजल इंजन बिना कागजों के धड़ल्ले से खरीद रहे है। बगैर लाइसेंस के चल रही कबाड़ की दुकानों पर प्रशासन का कोई नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है । इन कबाड़ियों व्दारा प्रति दिन हजारों की अवैध कमांई की जा रही है । जिसमें सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी चूना लगाया जा रहा है । सीतापुर हरदोई मार्ग पर एचडीएफसी बैंक के पास यूनुस कबाड़ी जो मुन्ना कबाड़ी का भांजा बताया जाता हैं । बिना लाइसेंस के आन रोड कबाड़ की दुकान संचालित कर रहा है । इस दुकान पर बिना कागजों के हैवी डीजल इंजन , ट्रैक्टर , मोटरसाइकिल , साइकिल सहित तमांम दो पहिया , चार पहिया वाहनों की अवैध खरीद कबाड़ के भाव होती रहती है । उपरोक्त दुकानदार बड़े वाहनों को खरीद कर रातों रात गैस से काटकर कबाड़ में परिवर्तित करके लाखों की कमांई करता रहता है । पुलिस की सह पर कस्बा मिश्रित की आवासीय ऐरिया में सीतापुर हरदोई मार्ग पर महंत पुलिया , नहर चौराहा , सिधौली मार्ग पर परसौली चौराहा आदि जगहों पर धड़ल्ले से कबाड़ की दुकाने खुले आम संचालित हो रही है ।
कबाड़ की दुकान में लोहा काटने के लिए करते हैं घरेलू गैस का उपयोग ।
यह दुकानदार चौपहिया व दो पहिया वाहनों को काटने के लिए रसोई गैस का प्रयोग करते है। वर्तमान परिस्थिति में एलपीजी गैस का दाम दिनों दिन बढ़ते जा रहे है । जिस कारण मध्य वर्ग एवं निम्न वर्ग का चूल्हा एक बार फिर से लकड़ी पर निर्भर हो गया है । जिससे अब रसोई गैस का उपयोग कबाड़ के दुकानदार लोहा काटने में कर रहे है ।
आवासीय ऐरिया से दूर होनी चाहिए कबाड़ की दुकाने ।
माप तौल विभाग तथा जिला औद्योगिक विभाग इस तरह के दुकानदारों को लाइसेंस देने के लिए प्रतिबद्ध है । उनके मुताबिक 100 केजी कबाड़ इकट्ठा करने के बाद अविलंब नियत स्थान से हटाने का भी प्राविधान है । वहीं आवासीय ऐरिया दूर कबाड़ की दुकानों के संचालन और भंडारण किए जाने की अनुमति है । परन्तु धार्मिक कस्बा मिश्रित में पुलिस और तहसील प्रशासन के संरक्षण में अवैध कबाड़ की दुकाने आवासीय ऐरिया में संचालित हो रही है । जब कि कस्बा लहरपुर में सबसे अधिक कबाड़ की अवैध दुकाने संचालित हो रही थी । पुलिस और तहसील प्रशासन की सख्ती ने यह अवैध कारोबार पूरी तरह से बंद करा दिया है ।