चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड में दो आरोपी दोषी करार

चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड में दो आरोपी दोषी करार

एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की कोर्ट ने हत्या सहित अन्य अपराध में माना दोषी

दोषियो की सजा के बिंदु पर 24 मार्च को आएगा कोर्ट का फैसला
नैमिष टुडे /सवाददाता
सुलतानपुर। करीब 29 माह पूर्व पीट-पीटकर हुई चिकित्सक घनश्याम तिवारी की हत्या से जुड़े मामले में बुधवार को एडीजे प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में आरोपी अजय नारायण सिंह व ड्राइवर दीपक सिंह को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 24 मार्च की तारीख तय करते हुए दोषियो को जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले की रहने वाली वादिनी निशा तिवारी ने 23 सितंबर 2023 की घटना बताते हुए अपने पति घनश्याम तिवारी की हत्या के आरोप में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी के मुताबिक लंभुआ थानाक्षेत्र के रहने वाले डॉ घनश्याम तिवारी जयसिंहपुर स्थित जासपारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा चिकित्सक के रूप में तैनात थे। घटना के दौरान वह कोतवाली नगर के शास्त्री नगर मोहल्ले में रहते थे। वादिनी के अनुसार घटना 23 सितंबर की शाम को नारायनपुर के जगदीश नरायन सिंह ने उन्हें अपने घर बुलाया था,जहां पहुँचने पर पैसे के विवाद में जगदीश नारायन सिंह,उनके पुत्र अजय नारायन सिंह,भतीजे विजय नारायण सिंह व ड्राइवर दीपक सिंह ने उन्हें पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। वादिनी के मुताबिक उनके पति घायलावस्था में ई- रिक्शा से घर पहुँचे। डॉक्टर घनश्याम तिवारी की घटना में आई चोटो की वजह से मौत हो गई। वादिनी के मुताबिक मृत्यु होने के पहले उनके पति ने उनकी बहन शांती पांडेय व बेटे तत्सत के सामने उनसे आरोपियो के जरिए घटना को अंजाम देने सम्बन्धी बात बताई थी। घटना के पीछे जमीनी विवाद में पैसों का लेन देन बताया गया था। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी निशा तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और विवेचना पूरी कर आरोपियो के खिलाफ आरोप-पत्र भी कोर्ट में पेश किया था। मामले में आरोपी जगदीश नारायण सिंह व विजय नारायण सिंह की विचारण के दौरान मृत्यु हो गई,जबकि नारायणपुर निवासी आरोपी अजय नारायण सिंह एवं धनपतगंज थाने के मायंग निवासी आरोपी ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ ट्रायल जारी रहा। मामले में अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे एवं वादिनी के निजी अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने अभियोजन पक्ष से कुल आठ गवाहों को पेश किया। गत सात मार्च को अदालत ने मामले में बहस सुनकर पत्रावली आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया था। अदालत ने नियत तिथि पर बुधवार को मामले में अपना फैसला सुनाते दोनों आरोपियो को दोषी करार देकर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए अगली तारीख तय किया है।

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