
मिट्टी में मिल रहा है अजय का रसूख,बुलडोजर के पंजे से नहीं बचा पाए सफेदपोश आका,टूटेंगी 40 और दुकानें
बदायूं।उत्तर प्रदेश के बदायूं का चर्चित एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड का मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का रसूख मिट्टी में मिल रहा है।अजय और उसके ताऊ की 11 दुकानों को जिला प्रशासन ने मंगलवार को ध्वस्त कर दिया। चार घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चली।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की प्लांट में निर्ममता से हत्या के बाद सैजनी में हुई बुलडोजर की कार्रवाई से शासन ने खुराफातियों को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।दबंग अजय की काली कमाई से बना किला तब ढह सका जब दो अफसरों की जान चली गई।
मंगलवार को दो बुलडोजरों ने अजय प्रताप सिंह और उसके ताऊ राकेश सिंह की अवैध मार्केट को ध्वस्त कर डाला।जब बुलडोजर उसकी अवैध मार्केट को ध्वस्त कर रहा तब इसे देखने के लिए इलाके के हर उम्र के लोग मौजूद रहे।इनमें से अधिकतर लोग अजय और उसके परिवार की दबंगई से अच्छी तरह वाकिफ थे।सियासी और रसूखदार लोगों से अजय की नजदीकी का भी लोगों को पता था।
लोगों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अजय के अवैध साम्राज्य पर इस तरह की कार्रवाई भी हो सकती है। अजय बड़े लोगों के साथ उठता-बैठता था और बड़ी बातें करता था। पुलिसवालों से लेकर तहसील के स्टाफ तक से उसकी अच्छी दोस्ती थी। इलाके में कार्रवाई पुलिस अक्सर अजय से सलाह लेकर ही किया करती थी।ऐसे में अजय की मार्केट टूटना बड़ी बात है।
अजय प्रताप सिंह के खिलाफ कंपनी के अधिकारी काफी पहले से शिकायत कर रहे थे।अगर यह कार्रवाई तब हुई होती तो शायद दोनों अफसरों को अपनी जान न गंवानी पड़़ती। लोगों में भय है कि कहीं अजय जेल से छूटकर या उसके गुर्गे दोबारा दहशत न फैला दें।इसलिए कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा है।
जेल अस्पताल में भर्ती दो अफसरों की हत्या का आरोपी अजय प्रताप सिंह की हालत सामान्य है,लेकिन उसे घटना के बाद से क्षेत्र की गतिविधि जानने की लालसा दिख रही है।अजय कभी अखबार मांग रहा है तो कभी टीबी चलवाने की गुहार जेल प्रशासन से लगा रहा है। बताया है कि उसके दोनों पैरों पर प्लास्टर लगा हुआ है। दोनों समय वह खाना भी खा रहा है।
बता दें कि 12 मार्च को दोपहर लगभग दो बजे फिल्मी अंदाज में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इसके बाद अजय प्रताप सिंह गाड़ी से मूसाझाग थाने पहुंचा और आत्म समर्पण कर दिया था।