खलिहान पर कब्ज़ा, कागजों में कार्रवाही, ज़मीनी हकीकत शून्य

खलिहान पर कब्ज़ा, कागजों में कार्रवाही, ज़मीनी हकीकत शून्य

सुल्तानपुर। सदर तहसील के ग्राम चन्द्रकला में गाटा संख्या 2613 (खलिहान भूमि) पर हुआ अवैध कब्जा अब सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि सिस्टम की नीयत का भी सवाल बन गया है। शिकायत, जांच और पुष्टि सब कुछ होने के बावजूद कार्रवाई शून्य है।
शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार पाण्डेय ने साफ आरोप लगाया है कि ग्रामसभा की सुरक्षित भूमि पर श्री नारायण पाण्डेय ने निर्माण कर कब्जा जमा लिया। 3 फरवरी 2024 को दी गई शिकायत पर लेखपाल ने मौके की जांच में कब्जा और निर्माण दोनों की पुष्टि कर दी। इसके बावजूद प्रशासन की फाइलें चल रही हैं लेकिन बुलडोज़र नहीं।
कब्जेदार की तरफ से दीवानी न्यायालय के स्टे का हवाला दिया जा रहा है जबकि बताया जा रहा है कि उस आदेश में गाटा संख्या का स्पष्ट जिक्र ही नहीं है। सवाल सीधा है कि अधूरे आदेश के सहारे सरकारी जमीन पर कब्जा कब तक बचाया जाएगा। लेखपाल की रिपोर्ट में निर्माण की पुष्टि, शिकायत दर्ज, सब कुछ मौजूद फिर भी राजस्व विभाग की चुप्पी बताती है कि कहीं न कहीं मामला सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रभाव का भी है। कुछ सवाल उठते है जिनका जवाब देना मुश्किल है -जब कब्जा साबित है तो हटाने में देरी क्यों। क्या स्टे का बहाना बनाकर अवैध कब्जे को संरक्षण दिया जा रहा है? क्या ग्रामसभा की जमीन अब प्रभावशाली लोगों के भरोसे छोड़ दी गई है। अगर समय रहते अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जे को खुला निमंत्रण बन जाएगा।अब प्रशासन के सामने साफ विकल्प है।या तो कानून का राज दिखेगा
या फिर खलिहान पर कब्जा ही नई व्यवस्था बनेगा।

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