
तीन हजार लीटर से ज्यादा बिक चुका है गोबर से बना पेंट…
पेंट बिक्री से प्राप्त रायल्टी का चेक गौशाला प्रभारी ने नगरायुक्त को सौंपा…
नैमिष टुडे/संवाददाता
सहारनपुर- नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला में गोबर से निर्मित पेंट की डिमांड बाजार में लगतार बढ़ती जा रही है। गौशाला में गोबर से निर्मित 03 हजार 160 लीटर पेंट अब तक विक्रय किया जा चुका है। आज गौशाला प्रभारी एवं निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने गौमय पेंट की बिक्री की रायल्टी का 33 हजार 22 रुपये का चेक नगरायुक्त शिपू गिरि को भेंट किया। इसके साथ ही सहारनपुर नगर निगम गोबर से बने ‘प्राकृतिक पेंट’ के उत्पादन में प्रदेश का पहला निकाय बन गया है। नगर निगम द्वारा सावलपुर नवादा स्थित माँ शाकुंभरी कान्हा उपवन गोशाला में पर्यावरण संरक्षण और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के सिद्धांत को अपनाते हुए गाय के शुद्ध गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की इकाई स्थापित की गई है। जिसमें गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जा रहा है। गौशाला प्रभारी ने डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि अभी तक 03 हजार 160 लीटर पेंट विक्रय किया जा चुका है, जिसमें 2,200 लीटर इमल्शन और 960 लीटर डिस्टेंपर पेंट शामिल है। उन्होंने बताया पेंट इकाई का संचालन जयपुर की प्रतिष्ठित संस्था लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स द्वारा ई-निविदा के माध्यम से किया जा रहा है। प्रत्येक लीटर पेंट की बिक्री पर नगर निगम को 10 रुपये 45 पैसे प्रति लीटर रॉयल्टी प्राप्त हो रही है। नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि यह पेंट इकोफ्रेंडली एवं विष रहित है इसमें किसी भी हानिकारक रसायन का प्रयोग नहीं किया गया है। यह एंटी-बैक्टीरियल एवं एंटी-फंगल हैं, और दीवारों को कीटाणुओं व फफूंद से सुरक्षित रखता है। प्राकृतिक गुणों के कारण यह पेंट गर्मियों में घर के तापमान को नियंत्रित रखने में भी सहायक है। इसके अतिरिक्त लेड या मरकरी जैसे हानिकारक तत्व इसमें नहीं हैं, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। दूसरे यह बाजार में उपलब्ध अन्य पेंट्स की तुलना में काफी सस्ता है। पेंट के अतिरिक्त भी कान्हा गौशाला द्वारा गोबर व गौमूत्र से 25 से अधिक गोमय उत्पाद निर्मित किये जा रहे है। जिसके लिए निगम गौशाला को देश का प्रतिष्ठित ‘गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस’ प्रमाण पत्र, उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए आईबीआर अचीवर एवार्ड, आईएसओ प्रमाण पत्र तथा गो-सेवा और उत्पाद नवाचार में विश्व स्तर पर कीर्तिमान स्थापित करने पर सम्मानित किया जा चुका है।