अयोध्या से योगी को चुनाव लड़ने की अखिलेश की चुनौती, दोनों डिप्टी सीएम का पलटवार; रामभक्ति और वोटबैंक पर उठाए सवाल

अयोध्या से योगी को चुनाव लड़ने की अखिलेश की चुनौती, दोनों डिप्टी सीएम का पलटवार; रामभक्ति और वोटबैंक पर उठाए सवाल

 

नैमिष टुडे /ब्यूरो /अयोध्या

 

अखिलेश यादव ने कहा- चुनाव में जनता करेगी हिसाब, अयोध्या के विकास के दावों की भी होगी परीक्षा

 

अयोध्या में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास तथा अपनी लोकप्रियता को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो मुख्यमंत्री को स्वयं अयोध्या से चुनाव मैदान में उतरकर जनता के बीच जाना चाहिए। अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा ने भी पलटवार करते हुए सपा प्रमुख की रामभक्ति और अयोध्या को लेकर उनकी नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।

 

अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय के कृष्णापुर स्थित आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की घोषणा के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है और इन सर्वे में पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। अखिलेश ने यहां तक कहा कि भाजपा को अयोध्या में नया प्रत्याशी नहीं मिल पा रहा है।

 

अयोध्या से चुनाव लड़कर लोकप्रियता साबित करें मुख्यमंत्री’

 

सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या के विकास को लेकर यदि सरकार को इतना भरोसा है तो मुख्यमंत्री स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता साबित करें। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता हर दावे और काम का हिसाब करेगी। जनता के सामने यह भी स्पष्ट होगा कि विकास को लेकर किए जा रहे दावों और जमीनी हकीकत में कितना अंतर है।

 

अखिलेश ने कहा कि अयोध्या में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाएं संचालित हैं, लेकिन इनका लाभ स्थानीय लोगों को भी मिलना चाहिए। उनका कहना था कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की परेशानी नहीं बढ़नी चाहिए और शहर के विकास का वास्तविक फायदा यहां रहने वाले लोगों को मिलना चाहिए।

 

अखिलेश बोले

अयोध्या को *विश्वस्तरीय तीर्थनगरी बनाएंगे

 

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को नई गति दी जाएगी। अयोध्या को केवल पर्यटन केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि विश्व की प्रमुख तीर्थनगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया।

 

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में स्थानीय लोगों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। गरीबों के घर और दुकानों को उजाड़ने की कार्रवाई नहीं होने देने की बात भी उन्होंने कही।

 

महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा

 

सपा अध्यक्ष ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर वर्ष 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ाने की बात कही।

 

अखिलेश ने कहा कि अयोध्या में विकास का ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी और हित दोनों सुरक्षित रहें। उन्होंने भाजपा सरकार पर विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने का आरोप लगाया।

 

केशव मौर्य का पलटवार- अखिलेश की रामभक्ति पर संदेह

 

अखिलेश यादव के बयान पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सपा प्रमुख की रामभक्ति पर ही सवाल खड़े कर दिए। मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव की रामभक्ति संदेह के घेरे में है। भाजपा ने अयोध्या और भगवान राम से जुड़े मुद्दों पर सपा की राजनीति को लेकर भी सवाल उठाए।

 

ब्रजेश पाठक बोले- वोटबैंक के डर से मंदिर नहीं गए

 

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अल्पसंख्यक वोटबैंक के छिटकने के डर से मंदिर जाने से बचते हैं। पाठक ने तंज कसते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष की राजनीति में वोटबैंक का प्रभाव इतना अधिक है कि वे मंदिर जाने को लेकर भी राजनीतिक समीकरण देखते हैं।

 

अयोध्या बनी सियासी मुकाबले का केंद्र

 

अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव लड़ने की चुनौती के बाद अयोध्या एक बार फिर प्रदेश की सियासत के केंद्र में आ गई है। सपा जहां अयोध्या के विकास, स्थानीय लोगों के हित और भाजपा सरकार के दावों को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है, वहीं भाजपा विपक्ष की रामभक्ति और अयोध्या को लेकर उसकी राजनीति पर सवाल उठा रही है।

 

अब देखना यह होगा कि अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती आने वाले दिनों में किस तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा करती है और क्या भाजपा इस चुनौती को चुनावी मैदान में स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से उतारने की रणनीति अपनाती है। फिलहाल दोनों दलों के बीच अयोध्या को लेकर जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है।

नमस्कार,नैमिष टुडे न्यूज़पेपर में आपका स्वागत है,यहाँ आपको हमेसा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 9415969423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें