
विधायक के निरीक्षण के बाद भी सड़क में दरार
निर्माण के कुछ समय बाद ही कई जगह फटी सड़क, खराब हिस्सों पर शुरू हुई पैचिंग; गुणवत्ता पर उठे सवाल
कुंडा/प्रतापगढ़। निर्माण के दौरान गुणवत्ता को लेकर विधायक के निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बावजूद सड़क के जल्द क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बाबागंज क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क बरसात का एक दौर भी ठीक से नहीं झेल सकी। कई स्थानों पर सड़क में दरार आने और धंसने की शिकायत सामने आई है। अब क्षतिग्रस्त हिस्सों पर पैचिंग कराई जा रही है।जलेसरगंज-झींगुर मार्ग से रायगढ़-माघी होते हुए हीरागंज-बिहार मार्ग को करोड़ों रुपये की लागत से बरसात से पहले तैयार कराया गया था। सड़क निर्माण के दौरान बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य और गुणवत्ता का निरीक्षण किया था। बताया जाता है कि निरीक्षण के दौरान विधायक ने ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निर्माण की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई थी तथा सड़क को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने का निर्देश दिया था।इसके बावजूद निर्माण पूरा होने के बाद सड़क के कई हिस्सों में दरार और धंसने की स्थिति सामने आने से सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर भारी वाहनों का अत्यधिक दबाव भी नहीं था, फिर भी नव निर्मित सड़क का क्षतिग्रस्त होना निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग करता है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल, फिर शुरू हुई पैचिंग
सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तस्वीरें ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद मामला चर्चा में आया। इसके बाद संबंधित स्थानों पर दोबारा निर्माण/पैचिंग का काम शुरू कराया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप हुआ था तो इतनी जल्दी मरम्मत की नौबत क्यों आई?जानकारों के मुताबिक केवल ऊपरी पैचिंग से सड़क की मूल मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की मोटाई और तकनीकी मानकों की जांच जरूरी मानी जा रही है।
निरीक्षण के बावजूद खामियां कैसे रह गईं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण के दौरान ही विधायक ने गुणवत्ता को लेकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए, तो इसके बाद भी सड़क जल्द खराब कैसे हो गई? स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।अब देखना यह है कि विभाग केवल क्षतिग्रस्त हिस्सों की पैचिंग कराकर मामला समाप्त करता है या सड़क निर्माण की गुणवत्ता की विधिवत जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी की जाती है।