
रिखैयापुर के ऐतिहासिक माँ काली धाम में विधि-विधान से शुरू हुआ मंदिर निर्माण
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रखी नींव, माँ काली और भैरव बाबा का बनेगा मंदिर
कुंडा,प्रतापगढ़। बाबागंज विकास खंड के राजापुर ग्राम पंचायत के रिखैयापुर स्थित ऐतिहासिक स्थल माँ काली धाम में आस्था और श्रद्धा का नया अध्याय जुड़ गया है। यहां ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर अब माँ काली धाम के प्रांगण में भव्य मंदिर निर्माण कार्य विधि-विधान से प्रारंभ हो गया है।शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण की शुरुआत की गई। इस शुभ अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रूपेंद्र शुक्ला के मार्गदर्शन में गांव के सम्मानित व्यक्तियों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ।पूजा-अर्चना में गांव के वरिष्ठ रामदुलारे द्विवेदी, मुन्नू, धनंजय तिवारी गोलू,अजय यादव, अंजू, दिनेश सरोज सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ राजा दिलीप प्रजापति, प्यारेलाल, चंदन प्रजापति, रोहित यादव राकेश प्रजापति,द्वारा वैदिक रीति से पूजा-पाठ किया गया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया गया और नारियल फोड़कर निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।माँ काली धाम के प्रांगण में दो भव्य मंदिरों का निर्माण किया जाएगा। इनमें एक माँ काली का मंदिर और दूसरा भैरव बाबा का मंदिर शामिल है। मान्यता है कि यह स्थान वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है और यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर निर्माण हो जाने से गांव की धार्मिक आस्था को और बल मिलेगा।
मंदिर निर्माण का कार्य नैमिषारण्य से आए हुए कुशल कारीगरों और मिस्त्रियों द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर को पारंपरिक शैली में बनाया जाएगा, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सनातन संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।इस अवसर पर पत्रकार रूपेंद्र शुक्ला ने कहा कि माँ काली धाम ऐतिहासिक महत्व रखता है। ग्रामीणों की आस्था और सहयोग से यह मंदिर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बनेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में पूरे गांव का सहयोग मिल रहा है और सभी लोग तन-मन-धन से इस कार्य में जुटे हैं।पूजा के दौरान पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल रहा।ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर बनने के बाद यहां बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन और मेले भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का धार्मिक और सांस्कृतिक विकास होगा कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।