
राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षक शौर्य दिवस का आयोजन, शिक्षक शौर्य दिवस के रूप में जन्मदिवस मनाने का लिया गया संकल्प
लखनऊ। स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन द्वारा देश के रक्षा मंत्री एवं पूर्व शिक्षक राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर सहकारिता भवन, लखनऊ में “शिक्षक शौर्य दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राजनाथ सिंह के शिक्षक जीवन, राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के योगदान तथा देश की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पित नेतृत्व का सम्मान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने की, जबकि मंच का संचालन राहुल सक्सेना ने किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आनंद द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार नहीं करता, बल्कि राष्ट्र के चरित्र और भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत भौतिक शास्त्र के शिक्षक के रूप में की और आज देश के रक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं। उनका जीवन प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में राजेश यादव, रितेश श्रीवास्तव, डॉ. अजीज खान, राम शंकर राजपूत सहित अनेक वक्ताओं ने शिक्षक समाज की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। संगठन के मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकांत तिवारी ने कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह का शिक्षक से रक्षा मंत्री तक का प्रेरक सफर शिक्षा, राष्ट्रसेवा और नेतृत्व का अद्वितीय उदाहरण है।
कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 10 जुलाई को रक्षा मंत्री एवं पूर्व शिक्षक राजनाथ सिंह के जन्मदिवस को “शिक्षक शौर्य दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से अनुरोध किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार राजनाथ सिंह के जन्मदिवस 10 जुलाई को शिक्षक शौर्य दिवस” के रूप में मनाए जाने संबंधी आवश्यक शासनादेश जारी करने पर विचार करे। इस पर उपमुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए विषय पर गंभीरता से विचार कराने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थित शिक्षकों एवं प्रबंधकों ने शिक्षा की गरिमा, शिक्षक सम्मान और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, शिक्षक सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।