*मंत्रीमंडल में स्थान न मिलने पर विधायिका आशा मौर्या ने जताई पीड़ा, कहा— जनसेवा का संकल्प रहेगा जारी* महमूदाबाद, सीतापुर। अनुज कुमार जैन तहसील महमूदाबाद की विधायिका श्री मति आशा मौर्या को मंत्रीमंडल में स्थान न मिलने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि अपने कार्यकाल में आशा मौर्या ने महमूदाबाद क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं। ऐसे में यदि उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल किया जाता तो क्षेत्र के विकास को और गति मिलती। मंत्रीमंडल गठन के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार मिल रहे संदेशों के बीच विधायिका आशा मौर्या ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश से प्राप्त फोन कॉल, सोशल मीडिया संदेशों, शुभकामनाओं और समर्थन के लिए वह सभी पत्रकार बंधुओं, समर्थकों और शुभचिंतकों की हृदय से आभारी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जनता का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसी स्नेह और समर्थन ने उन्हें समाज और संगठन के लिए निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की निरंतर प्रेरणा दी है। आशा मौर्या ने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए पूर्ण समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करती रही हैं तथा संगठन हित को हमेशा सर्वोपरि रखा है। जनसेवा और समाजहित के लिए कार्य करना ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी वह इसी भावना के साथ कार्य करती रहेंगी। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पीड़ा उनके संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूत बनाएगी। विधायिका ने कहा कि वह पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हैं और आगे भी समाजहित, सम्मान, स्वाभिमान तथा अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ पूरी मजबूती से जारी रखेंगी।
*मंत्रीमंडल में स्थान न मिलने पर विधायिका आशा मौर्या ने जताई पीड़ा, कहा— जनसेवा का संकल्प रहेगा जारी* महमूदाबाद, सीतापुर। अनुज कुमार जैन तहसील महमूदाबाद की विधायिका श्री मति आशा मौर्या को मंत्रीमंडल में स्थान न मिलने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि अपने कार्यकाल में आशा मौर्या ने महमूदाबाद क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं। ऐसे में यदि उन्हें मंत्रीमंडल में शामिल किया जाता तो क्षेत्र के विकास को और गति मिलती। मंत्रीमंडल गठन के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों की ओर से लगातार मिल रहे संदेशों के बीच विधायिका आशा मौर्या ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश से प्राप्त फोन कॉल, सोशल मीडिया संदेशों, शुभकामनाओं और समर्थन के लिए वह सभी पत्रकार बंधुओं, समर्थकों और शुभचिंतकों की हृदय से आभारी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जनता का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसी स्नेह और समर्थन ने उन्हें समाज और संगठन के लिए निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की निरंतर प्रेरणा दी है। आशा मौर्या ने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए पूर्ण समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करती रही हैं तथा संगठन हित को हमेशा सर्वोपरि रखा है। जनसेवा और समाजहित के लिए कार्य करना ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी वह इसी भावना के साथ कार्य करती रहेंगी। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पीड़ा उनके संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूत बनाएगी। विधायिका ने कहा कि वह पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हैं और आगे भी समाजहित, सम्मान, स्वाभिमान तथा अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ पूरी मजबूती से जारी रखेंगी।