
सरकार की व्यापारियों के हित की मंशा के तहत मिली बड़ी कामयाबी — ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर
लखनऊ। आज लखनऊ के गौतमपल्ली स्थित कैंप कार्यालय पर ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर द्वारा मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने बताया कि वर्ष 1986 से लंबित मेरठ के सेंट्रल मार्केट से जुड़े प्रकरण में, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के सम्मान में योगी सरकार ने निर्णायक कार्रवाई की है। लगभग 729 दुकानों, जिन्हें आवासीय आवंटन के उपरांत व्यावसायिक रूप से उपयोग किया जा रहा था, पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए थे। सरकार ने न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ की, साथ ही व्यापारियों से सकारात्मक एवं सुखद वार्ता के माध्यम से उनकी सहमति और हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था एवं स्थान आवंटन की दिशा में ठोस कदम उठाए।
डॉ. तोमर ने स्पष्ट किया कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि भाजपा सरकार व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है, पूर्णतः निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में उच्च न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जाने के बावजूद तत्कालीन सपा सरकार ने इस मामले में न तो गंभीरता दिखाई और न ही व्यापारियों के हित में कोई ठोस पहल की। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने व्यापारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संतुलित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।
ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने मुख्यमंत्री द्वारा लाई गई आवास नीति के लिए उनका विशेष आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस नीति से संबंधित व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें व्यवस्थित एवं वैध रूप से अपने व्यापार संचालन का अवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर उपस्थित व्यापारियों ने भी बताया कि इस विषय को लेकर कई बार मुख्यमंत्री जी से वार्ता की गई थी, जिसमें उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। व्यापारियों ने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि योगी सरकार “सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय” की भावना के साथ कार्य कर रही है और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है। यह निर्णय उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण