
फाइलेरिया चिकित्सालय की कार्यप्रणाली को लेकर उठी* चर्चा, नियमों के अनुरूप* *जांच के निर्देश
सुल्तानपुर राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (National Programme for Elimination of Lymphatic Filariasis – NPELF) के तहत जनपद में संचालित फाइलेरिया चिकित्सालय/विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर हाल के दिनों में विभिन्न स्तरों पर चर्चा सामने आई है। कार्यक्रम के संचालन, जांच प्रक्रिया और रिकॉर्ड संधारण को लेकर नियमों के अनुरूप समीक्षा की आवश्यकता जताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार फाइलेरिया की पुष्टि के लिए नाइट ब्लड सर्वे, प्रयोगशाला जांच, स्लाइड रिकॉर्ड और नियमित रिपोर्टिंग की व्यवस्था निर्धारित है। इसके साथ ही राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) के अंतर्गत पारदर्शिता और दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य बताया गया है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों में समय-समय पर आंतरिक जांच और प्रशासनिक समीक्षा से व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है तथा आमजन का भरोसा बना रहता है।
मामले को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुल्तानपुर डॉ. भरत भूषण से बात की गई तो उन्होंने कहा,
“मामला संज्ञान में आया है। संबंधित बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि Clinical Establishments (Registration and Regulation) Act और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सेवाओं का संचालन किया जाना विभाग की प्राथमिकता है। जांच का उद्देश्य किसी भी प्रकार की स्थिति को स्पष्ट करना और कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाना है।
स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम नियमों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ रूप से संचालित हो सकेगा।