
सोर्स सस्टेनेबिलिटी कार्यक्रम के तहत प्रतापगढ़ में खारे पानी से मिलेगी राहत, ग्रामीण पेयजल योजनाओं को मिलेगा स्थायी समाधान
नैमिष टुडे/ संवाददाता
प्रतापगढ़। अधिशासी अभियन्त जल निगम तौसीफ अहमद ने बताया है कि जनपद प्रतापगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं को स्थायी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में सोर्स सस्टेनेबिलिटी कार्यक्रम के अंतर्गत ठोस पहल की जा रही है, जिससे खारे पानी की समस्या से प्रभावित गांवों को स्थायी राहत मिल सकेगी। यह कार्यक्रम भारत सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जल स्रोतों के संरक्षण एवं गुणवत्ता सुधार हेतु लागू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता पर चिन्हित किया गया है, जहां भूजल में खारेपन अथवा जलस्तर में गिरावट के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। जल निगम ग्रामीण के द्वारा इन क्षेत्रों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी समाधान लागू किए जा सकें और भविष्य में योजनाएं निर्बाध रूप से संचालित रह सकें। कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्भरण, कैचमेंट क्षेत्र का उपचार तथा भूजल गुणवत्ता में सुधार जैसे कार्यों को सम्मिलित किया जा रहा है, जिससे जल स्तर में वृद्धि के साथ-साथ खारेपन की समस्या में भी कमी आएगी। इन उपायों से ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। जल जीवन मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं सतत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्ध ढंग से कराए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।