
नवरात्रि पर मीट मांस की दुकाने रहे बंद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नैमिष टुडे
विष्णु सिकरवार
आगरा। शारदीय नवरात्रि शुरू हो रहे हैं हिंदू धर्म में नवरात्रियों की बहुत मान्यता हैं ज्ञात हो कि नवरात्रि में हिंदू धर्म के युवक युवतियां नौ दिन का व्रत रहकर नौ देवियों की अरदास करती है। भविष्य में परेशानियों से मुक्ति कामना करते है। गुरुवार से प्रारंभ हो रहे शारदीय नवरात्रि को लेकर विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से शनिवार को नवागत उपजिलाधिकारी किरावली राजेश कुमार को ज्ञापन सौंप कर किरावली तहसील क्षेत्र के कस्बा किरावली फतेहपुर सीकरी मिढ़ाकुर अछनेरा रायभा रुनकता जैंगारा व सांधन आदि कस्बों के अंदर एवं बाहर चल रही मीट मांस अण्डे की दुकानों को नवरात्रि तक बंद कराने एवं मंदिरों की सफाई व्यवस्था और पुलिस बल लगाकर सुरक्षा की मांग की है। बजरंग दल के विभाग संयोजक आर के इंदौलिया ने बताया कि हिंदुओं के पवित्र शारदीय नवरात्रि पर कस्बे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है। किसी समय अराजक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की आशंका को देखते हुए, सुरक्षा बेहद जरूरी है। साथ ही किरावली तहसील परिसर से मैन चौराहे तक, मीट मांस और मदिरा की दर्जनों दुकानें हैं जिस कारण नवरात्रि में पूजा अर्चना करने जाने के लिए महिलाओं को काफी समस्या उत्पन्न होती हैं। मीट मांस की दुकानों के आसपास, महिलाओं की सुरक्षा बहुत जरूरी है। साथ ही मंदिरों के आसपास साफ सफाई लाइट कि व्यवस्था भी जरूरी है जिससे पूजा पाठ को आने वाले भक्तों को सहजता महसूस हो ज्ञापन देनें वालों में आर के इंदौलिया विभाग संयोजक बजरंगदल , महेश शर्मा विभाग सत्संग प्रमुख, भूदेव शर्मा जिला सत्संग प्रमुख, मोनू पचौरी मिलन प्रमुख, मनोज शर्मा जिला गौरक्षा प्रमुख, अशोक चौधरी नगर गौरक्षा, के के डागुर नगर मंत्री, हेमंत चाहर,समय सिंह, महेश ठाकुर, अंकुश, प्रदीप, अजय टाइगर, धीरज योगी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शराब के ठेकों को बंद कराए जाने की मांग
विभाग संयोजक आरके इंदौलिया ने कहा कि तीन अक्टूबर से नवरात्रि पर्व शुरू हो रहा है। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में जगह जगह देवी प्रतिमाओं को पंडालों में स्थापित कर पूजा अर्चना का विशेष कार्यक्रम आयोजित होता है।
यही नहीं कस्बे एवं गांवों के देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में माता बहनें पूजा करने आती हैं मंदिरों के आसपास और रास्तों में संचालित मांस की दुकानों और शराब के ठेकों को बंद कराए जाने की मांग की जा रही है। इन दुकानों के संचालित होने से अराजकतत्वों द्वारा आती जाती महिलाओं के साथ छींटा कशी की वारदात होने की संभावना बनी रहती है। इसको देखते हुए कस्बे की सभी मांस की दुकानों को बंद करने व शराब ठेकों को भी बंद करने की मांग की साथ ही सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।