मऊ में भतीजे ने चाचा को चाकू से गोद कर मार डाला, बलिया में हत्यारोपी चाचा-चाची गिरफ्तार

मऊ में भतीजे ने चाचा को चाकू से गोद कर मार डाला, बलिया में हत्यारोपी चाचा-चाची गिरफ्तार

मऊ/बलिया : घोसी कोतवाली क्षेत्र के खनतिया गांव में शनिवार रात मामूली कहासुनी के बाद नाबालिग भतीजे ने अपने चाचा की चाकू से गोद कर हत्या कर दी. इस दौरान बीच बचाव में मृतक का सगा भाई भी लहूलुहान हो गया है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद फरार हत्यारोपी की तलाश में टीमें लगाई हैं. वहीं बलिया में निसंतान कहने पर आक्रोशित चाचा द्वारा मासूम भतीजे की हत्या मामले का खुलासा पुलिस ने किया है.
पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि शनिवार रात खनतियां गांव में विवाद की सूचना मिली थी. प्राथमिक जांच के अनुसार गांव के रामभवन यादव पुत्र स्व. शिवनाथ यादव (42) व विजयभान यादव (50) रात करीब 8 बजे घर पर साथ बैठकर कर खाना खा रहे थे. इसी दौरान नशे में धुत चचेरा भाई विजेंद्र यादव पहुंचा और किसी बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी. इसी बीच विजेंद्र का 15 वर्षीय बेटा चाकू लेकर पहुंच गया और रामभवन पर चाकू से हमला कर दिया. बीच बचाव में विजयभान को भी गम्भीर चोटें आईं. हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए.

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के मुताबिक मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों के मदद से दोनों को आजमगढ़ अस्पताल भेजवाया. जहां चिकित्सकों ने रामभवन को मृत घोषित कर दिया. विजयभान का इलाज चल रहा है. रामभवन की पत्नी संगीता यादव की तहरीर के आधार पर दो महिलाओं समेत चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. घटना के बाद सभी आरोपी घर छोड़ कर भागे हुए हैं. जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.

जघन्य : बलिया में निरवंश होने के ताने से परेशान चाचा ने मासूम भतीजे को मार डाला

सहतवार थाना क्षेत्र अंतर्गत 64 बांधा घाघरा नदी के किनारे मिले मासूम (9) के शव मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार युवक के सगे चाचा ने निसंतान होने के ताने से परेशान होकर हत्या कर दी थी. इस मामले में चाचा और चाची दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है.

अपर पुलिस अधिक्षक दिनेश शुक्ला ने बताया कि बीती 25 जनवरी को सहतवार थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगही के चंदन प्रजापति के बेटे अभिषेक प्रजापति (9) के लापता होने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम खोजबीन में लगाई गईं, लेकिन मासूम का पता नहीं लग रहा था. 31 जनवरी को 64 बांधा घाघरा नदी के किनारे मासूम का शव बरामद होने पर तफ्तीश शुरू की गई तो चौंकाने वाली कहाने सामने आई.

जांच के दौरान पता चला कि अभिषेक की हत्या में उसके चाचा गणेश प्रजापित और उसकी पत्नी अमृता देवी की भूमिका है. दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर पता चला कि कुछ दिन पहले चंदन और उसकी पत्नी से गणेश व उसकी पत्नी अमृता के बीच विवाद हुआ था. इस दौरान चंदन की पत्नी ने गणेश व उसकी को निसंतान होने का ताना दिया था. इसी ताने से नाराजगी के चलते गणेश व अमृता ने चंदन के इकलौते बेटे अभिषेक की हत्या की योजना बना डाली.

पूछताछ में सामने आया कि योजना के तहत गणेश गांव के ही एक युवक और अभिषेक को पतंग उड़ाने और नौकायान कराने के बहाने नदी की ओर ले गया था. जहां अभिषेक को अकेला पाकर ईंट पत्थरों से कूच कर उसकी हत्या कर दी और शव नदी में फेंक दिया. इसके बाद पुलिस और परिवारवालों को गुमराह करने के लिए अभिषेक के गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया. हालांकि तफ्तीश के दौरान शक के आधार पर गणेश के मोबाइल फोन की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से हकीकत सामने आ गई.

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