नवाचार के प्रयोग से सशक्त हो रही जनपद की संचालित गौशालाएँ

नवाचार के प्रयोग से सशक्त हो रही जनपद की संचालित गौशालाएँ

डीसी मनरेगा ने अगई गौशाला का किया निरीक्षण, ठण्ड से बचाव व स्वच्छता के दिये निर्देश
नैमिष टुडे/संवाददाता
प्रतापगढ़। मुख्य विकास अधिकारी डा0 दिव्या मिश्रा के निर्देश के क्रम में विकास खण्ड लालगंज की अगई गौ-संरक्षण केन्द्र में नवाचार के संगम का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ग्राम पंचायत ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुये बेकार पड़े रिवोर पाइपों पुनः चक्रण करते हुये आधुनिक सिकवार्ड, चारो तारफेंसिंग तथा नर एवं मादा के लिये पृथक-पृथक वार्ड तैयार किया है। इस अनूठे प्रयोग से जहाँ गौशाला सशक्त हो रही है वहीं दूसरी ओर निष्प्रयोज्य रिबोर पाइपों का सदपयोग भी हो रहा है। यह भी बताना है कि अगई गौ-संरक्षण केन्द्र में पूलिंग के माध्यम से प्राप्त धनराशि से नियमानुसार निष्प्रयोज्य रिबोर पाइपों का क्रय किया गया है, इससे ग्राम पंचायत अगई की आय में बढ़ोत्तरी भी हो रही है। जनपद प्रतापगढ़ में कुल 75 गौ-आश्रय संरक्षण केन्द्रों का संचालन हो रहा है जिसमें आस्थायी गौ-आश्रय स्थल 65, वृहद 07, कांजी 02 तथा 06 कान्हा गौ-आश्रय संरक्षण केन्द्र है। गौ संरक्षण केन्द्रो में लगभग 16000 गौवंश संरक्षित है, नियमित निगरानी हेतु समस्त गौ संरक्षण केन्द्रो पर सी०सी०टी०वी० लगवाये गये है जिनकी 24 घन्टे निगरानी विकास भवन स्थित कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही है।
उपायुक्त श्रम रोजगार संतोष कुमार सिंह द्वारा विकास खण्ड लालगंज की अगई गौ-संरक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया गया। विकास खण्ड लालगंज के बोधी का पुरवा अगई में संचालित अस्थाई गौशाला का निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के समय खण्ड विकास अधिकारी लालगंज, ग्राम विकास अधिकारी अगई, ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक एवं 03 केयर टेकर उपस्थित रहे। बोधी का पुरवा अगई अस्थाई गौशाला के निरीक्षण के 60 से 70 पशु की क्षमता वाले 03 शेड का निर्माण कराया गया है। निरीक्षण के समय 29 नर और 139 मादा कुल 168 पशु पंजिका के दर्ज पाये गये, पशुओ को ठंड से बचाव हेतु टीन शेड में त्रिपाल की व्यवस्था की गई है, गौशाला में चार जगह अलाव की व्यवस्था पायी गई। गौशाला में नंदी शेड पृथक से तैयार कर नंदी को सरंक्षित किया गया है। भूसा गोदाम, चूनी गोदाम पृथक-पृथक बना हुआ है। साथ ही पशुओ के लिए हरा चारा-साइलेज के लिए भी शेड बनाया गया है। गौशाला में प्रकाश व्यवस्था ठीक पायी गई, पशुओ के शव निस्तारण हेतु स्थल चिन्हित कर बैरीकेटिंग कराया गया है। पशुओ के पानी पीने के लिए पानी की नाद बनायी गई है। गौआश्रय स्थल पर विद्युत न होने पर सोलर लाइट की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। खण्ड विकास अधिकारी लालगंज को निर्देशित किया गया कि ठण्ड के मौसम के दृष्टिगत शेडों को मजबूत त्रिपाल से ढकने व अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। इसके अतिरिक्त गौआश्रय स्थल की नियमित साफ-सफाई कराये जाने के निर्देश भी खण्ड विकास अधिकारी लालगंज को दिये गये।

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